यह जानकारी आपको चौंका सकती है। क्योंकि खूनी कोठी की शिकार हुई दीपिका उर्फ पायल खुद एक कॉलगर्ल थी और उसका बाप ही उससे यह धंधा करवाता था। इसके एवज में वह महीने में पंधेर से 'सैलरीÓ भी लेता था। यही वजह है कि नंदलाल लगातार पुलिस पर दबाव बनाता था कि पंधेर का ही उसकी बेटी को अगवा करने में हाथ है। क्योंकि पायल के गायब होने के बाद से पंधेर कभी भी नंदलाल को फूटी कौड़ी भी नहीं देता था।
यह खुलासा खुद पंधेर ने नोएडा पुलिस के देसी नार्को टेस्ट में कबूल की थी। इसके बाद नंदलाल की बोलती बंद हो गई थी। वह कुछ बोल नहीं पा रहा था। वहीं, पुलिस के सामने अब पंधेर बोलता ही जा रहा था। उसने यह भी उगल डाला कि 'हां, मैं अय्याश हूं। कई कॉलगर्ल के संपर्क में हूं। उन्हें अक्सर कोठी पर बुलाता हूं। उनमें से ही एक पायल भी थी। उसे हमने सैलरी के आधार पर ही रख लिया था। इसलिए उसके पिता यह कहकर पुलिस से कंप्लेंट की कि उसकी बेटी नौकरी की तलाश में इंटरव्यू देने सेक्टर-31 डी-5 गई थी। इसके बाद लापता हो गई। भला, कोई बाप ऐसा कैसे हो सकता है कि अपनी बेटी को इंटरव्यू दिलाने के लिए किसी के ऑफिस नहीं बल्कि उसके घर पर भेजता था। एक बार नहीं, बार-बार।
आप क्या जानते हैं निठारी के बारे में..... कितना जानते हैं...... उससे कहीं ज्यादा मिलेगा यहां आपको....एक-एक सच...आंखों देखा सच.... परत-दर-परत....
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3 टिप्पणियां:
kya baat hai
kya baat hai
kya baat hai
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